शनिवार 16 मई 2026 - 22:14
हिजबुल्लाह का अमेरिका को जवाब: तुम्हारी गुलामी कबूल नहीं

हिजबुल्लाह ने लेबनान की सरकार से सख्ती से कहा है कि वह इज़राइल से बातचीत तुरंत बंद करे। हिजबुल्लाह का कहना है कि अमेरिका की गुलामी को हरगिज़ कबूल नहीं करेंगे।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान के प्रसिद्ध प्रतिरोधी संगठन हिजबुल्लाह ने अपनी सरकार को आगाह किया है कि इज़राइल के साथ जो वार्ता हो रही है, वह लेबनान की स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए बहुत खतरनाक है।

हिजबुल्लाह का कहना है कि सरकार इज़राइल के साथ एक ऐसी संधि की कोशिश कर रही है जो 1983 वाली संधि से भी अधिक नुकसानदेह होगी। 1983 वाली संधि बहुत अपमानजनक थी और जनता ने उसे अस्वीकार कर दिया था। अब सरकार उससे भी बड़ी संधि करना चाहती है जिसमें "पूर्ण शांति" की बात की जा रही है। हिजबुल्लाह के अनुसार यह बहुत गंभीर स्थिति है।

हिजबुल्लाह ने यह भी कहा कि लेबनानी सरकार इतिहास से कुछ नहीं सीखती। सरकार इज़राइल को एक शांतिप्रिय और मान्यता प्राप्त राज्य की तरह पेश कर रही है, जो लेबनान के संविधान के खिलाफ है।

हिजबुल्लाह ने किसी भी प्रकार की विदेशी अधीनता, दबाव या आदेश चलाने को सख्ती से अस्वीकार कर दिया है। विशेष रूप से उन्होंने कहा कि वे अमेरिका की संरक्षकता (अधिपत्य) को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।

उनका आगे कहना था कि इज़राइल लेबनान के पानी, ज़मीन और अन्य प्राकृतिक चीज़ों पर अपनी नज़र रखे हुए है। इज़राइली नेताओं की बातें यही दर्शाती हैं।

हिजबुल्लाह ने लेबनानी सरकार से माँग की है कि वह बिना किसी लाभ के रियायतें देना और जनता के अधिकारों को भूल जाना छोड़ दे। उन्होंने कहा कि बेरूत को यह भ्रम छोड़ देना चाहिए कि इज़राइल के साथ शांति हो सकती है।

अंत में हिजबुल्लाह ने स्पष्ट कर दिया कि इज़राइल का लेबनान की धरती पर कोई स्थान नहीं बनेगा। उन्होंने कहा कि पूर्ण स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की सुबह बहुत निकट है।

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